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mahabharat 12.24.32: वेदों का ज्ञान प्राप्त करके, शास्त्रों का अध्ययन करके और राज्य का भलीभाँति पालन करके महामनस्वी राजा हयग्रीव चारों वर्णों के लोगों को अपने-अपने धर्मों में प्रतिष्ठित करके अब स्वर्गलोक में सुख भोग रहे हैं॥ 32॥   |   mahabharat अध्याय 12.24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  12.24.32 
सम्यग् वेदान् प्राप्य शास्त्राण्यधीत्य
सम्यग् राज्यं पालयित्वा महात्मा।
चातुर्वर्ण्यं स्थापयित्वा स्वधर्मे
वाजिग्रीवो मोदते देवलोके॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
वेदों का ज्ञान प्राप्त करके, शास्त्रों का अध्ययन करके और राज्य का भलीभाँति पालन करके महामनस्वी राजा हयग्रीव चारों वर्णों के लोगों को अपने-अपने धर्मों में प्रतिष्ठित करके अब स्वर्गलोक में सुख भोग रहे हैं॥ 32॥
 
'Having acquired the knowledge of the Vedas, having studied the scriptures, and having ruled the kingdom well, the great-minded King Hayagriva, having established people of all the four castes in their respective religions, is now enjoying bliss in the heavenly world.॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)