Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.24.3-4: कुन्तीनन्दन! आप नहुषपुत्र ययाति के समान इस पृथ्वी पर शासन करें। आपके इन तपस्वी भाइयों ने वनवास के समय बहुत दुःख भोगा है। हे मनुष्य! अब वे उस दुःख के पश्चात सुख का अनुभव करें।॥ 3-4॥ | mahabharat अध्याय 12.24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुन्तीनन्दन! आप नहुषपुत्र ययाति के समान इस पृथ्वी पर शासन करें। आपके इन तपस्वी भाइयों ने वनवास के समय बहुत दुःख भोगा है। हे मनुष्य! अब वे उस दुःख के पश्चात सुख का अनुभव करें।॥ 3-4॥
‘Kuntinandan! You should rule this earth like Nahusha's son Yayati. These ascetic brothers of yours have suffered a lot during their exile. Man-tiger! Now let them experience happiness after that suffering.॥ 3-4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥