Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.24.25: शत्रुओं को परास्त करने में उन्होंने जो पराक्रम दिखाया, प्रजापालन में जो महान् पुरुषार्थ और एकाग्रता दिखाई, वह अद्भुत थी। उन्होंने युद्ध में महान् पुरुषार्थ करके महान् यश प्राप्त किया और इस समय राजा हयग्रीव स्वर्ग में आनन्द मना रहे हैं॥ 25॥ | mahabharat अध्याय 12.24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रुओं को परास्त करने में उन्होंने जो पराक्रम दिखाया, प्रजापालन में जो महान् पुरुषार्थ और एकाग्रता दिखाई, वह अद्भुत थी। उन्होंने युद्ध में महान् पुरुषार्थ करके महान् यश प्राप्त किया और इस समय राजा हयग्रीव स्वर्ग में आनन्द मना रहे हैं॥ 25॥
‘The valour he displayed in defeating his enemies, the great effort and concentration he displayed in looking after the human subjects was amazing. He made great efforts and achieved great fame in the war and at present King Hayagriva is enjoying himself in heaven.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥