Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.24.21: युधिष्ठिर! यदि उचित परामर्श किया गया हो, अच्छी नीति अपनाई गई हो और पूर्ण प्रयत्नपूर्वक सभी प्रयत्न किए गए हों, (उस स्थिति में यदि प्रजा को कष्ट हो) तो राजा को कोई पाप नहीं लगता॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 12.24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुमन्त्रिते सुनीते च सर्वतश्चोपपादिते।
पौरुषे कर्मणि कृते नास्त्यधर्मो युधिष्ठिर॥ २१॥
अनुवाद
युधिष्ठिर! यदि उचित परामर्श किया गया हो, अच्छी नीति अपनाई गई हो और पूर्ण प्रयत्नपूर्वक सभी प्रयत्न किए गए हों, (उस स्थिति में यदि प्रजा को कष्ट हो) तो राजा को कोई पाप नहीं लगता॥ 21॥
'Yudhishthira! If proper consultations have been done, good policy has been adopted and all efforts have been made with full effort, (in that situation if the subjects are troubled) then the king does not incur any sin.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥