Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.24.13: मेरी बात सुनो, जो राजा इनका पालन करता है, वह धर्म से नीचे नहीं गिरता। धर्मग्रंथों की आज्ञा का उल्लंघन करने से राजा का पतन होता है और जो धर्मग्रंथों का पालन करता है, वह निर्भय हो जाता है। | mahabharat अध्याय 12.24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निबोध च यथाऽऽतिष्ठन् धर्मान्न च्यवते नृप:।
निग्रहाद् धर्मशास्त्राणामनुरुद्धॺन्नपेतभी:॥ १३॥
अनुवाद
मेरी बात सुनो, जो राजा इनका पालन करता है, वह धर्म से नीचे नहीं गिरता। धर्मग्रंथों की आज्ञा का उल्लंघन करने से राजा का पतन होता है और जो धर्मग्रंथों का पालन करता है, वह निर्भय हो जाता है।
‘Listen to my words, a king who follows them does not fall below Dharma. Violating the commands of the religious texts leads to the downfall of a king and if he follows the religious texts, he becomes fearless.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥