Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.239.20: वह एक परम सत्ता जिससे यह सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड व्याप्त है, सभी चेतन और निर्जीव प्राणियों में निवास करती है।   |   mahabharat अध्याय 12.239: ज्ञानका साधन और उसकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 239: ज्ञानका साधन और उसकी महिमा  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  12.239.20 
स हि सर्वेषु भूतेषु जङ्गमेषु ध्रुवेषु च।
वसत्येको महानात्मा येन सर्वमिदं ततम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
वह एक परम सत्ता जिससे यह सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड व्याप्त है, सभी चेतन और निर्जीव प्राणियों में निवास करती है।
 
The One Supreme Being by whom this whole universe is pervaded, resides within all animate and inanimate beings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)