Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.239.16: इस ईश्वर को नेत्रों से अथवा समस्त इन्द्रियों से भी नहीं देखा जा सकता। यह केवल बुद्धि में शुद्ध मन रूपी दीपक से प्रकाशित होता है। 16॥   |   mahabharat अध्याय 12.239: ज्ञानका साधन और उसकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 239: ज्ञानका साधन और उसकी महिमा  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  12.239.16 
न ह्ययं चक्षुषा दृश्यो न च सर्वैरपीन्द्रियै:।
मनसा तु प्रदीपेन महानात्मा प्रकाशते॥ १६॥
 
 
अनुवाद
इस ईश्वर को नेत्रों से अथवा समस्त इन्द्रियों से भी नहीं देखा जा सकता। यह केवल बुद्धि में शुद्ध मन रूपी दीपक से प्रकाशित होता है। 16॥
 
This God cannot be seen even with eyes or all the senses. It is illuminated in the intellect only by the lamp of pure mind. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)