Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.238.11: वह ब्रह्म वेद के कर्मकाण्डों में गुप्त रूप से प्रतिपादित किया गया है; इसलिए वेदों को जानने वाले विद्वानों के लिए भी वह अज्ञात है। किन्तु वही ब्रह्म वेदान्त में स्पष्ट रूप से प्रतिपादित किया गया है और निष्काम कर्मयोग के द्वारा उस ब्रह्म का साक्षात्कार किया जा सकता है। ॥11॥ | mahabharat अध्याय 12.238: नाना प्रकारके भूतोंकी समीक्षापूर्वक कर्मतत्त्वका विवेचन, युगधर्मका वर्णन एवं कालका महत्त्व । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह ब्रह्म वेद के कर्मकाण्डों में गुप्त रूप से प्रतिपादित किया गया है; इसलिए वेदों को जानने वाले विद्वानों के लिए भी वह अज्ञात है। किन्तु वही ब्रह्म वेदान्त में स्पष्ट रूप से प्रतिपादित किया गया है और निष्काम कर्मयोग के द्वारा उस ब्रह्म का साक्षात्कार किया जा सकता है। ॥11॥
That Brahma has been secretly propounded in the rituals of the Veda; hence it remains unknown even to the scholars who know the Vedas. But that same Brahma has been clearly propounded in the Vedanta and that Brahma can be realized through selfless Karmayoga. ॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥