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mahabharat 12.237.9: बुद्धि धन प्राप्ति में सहायक होती है। बुद्धि मनुष्य को कल्याण की प्राप्ति कराती है। समान गुणों वाले राजाओं में भी जो बुद्धि में श्रेष्ठ होते हैं, वे ही राज्य का उपभोग करते हैं और दूसरों पर शासन करते हैं।॥9॥   |   mahabharat अध्याय 12.237: सृष्टिके समस्त कार्योंमें बुद्धिकी प्रधानता और प्राणियोंकी श्रेष्ठताके तारतम्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 237: सृष्टिके समस्त कार्योंमें बुद्धिकी प्रधानता और प्राणियोंकी श्रेष्ठताके तारतम्यका वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  12.237.9 
प्रज्ञा संयोजयत्यर्थै: प्रज्ञा श्रेयोऽधिगच्छति।
राजानो भुञ्जते राज्यं प्रज्ञया तुल्यलक्षणा:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
बुद्धि धन प्राप्ति में सहायक होती है। बुद्धि मनुष्य को कल्याण की प्राप्ति कराती है। समान गुणों वाले राजाओं में भी जो बुद्धि में श्रेष्ठ होते हैं, वे ही राज्य का उपभोग करते हैं और दूसरों पर शासन करते हैं।॥9॥
 
Wisdom helps one to acquire wealth. Wisdom helps man to achieve welfare. Even among kings with similar characteristics, those who are superior in wisdom are the ones who enjoy the kingdom and rule over others.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)