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mahabharat 12.236.30: जो तत्त्व जन्म, वृद्धि, वृद्धावस्था और मृत्यु इन चार गुणों से युक्त है, उसे व्यक्त कहते हैं।   |   mahabharat अध्याय 12.236: ध्यानके सहायक योग, उनके फल और सात प्रकारकी धारणाओंका वर्णन तथा सांख्य एवं योगके अनुसार ज्ञानद्वारा मोक्षकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 236: ध्यानके सहायक योग, उनके फल और सात प्रकारकी धारणाओंका वर्णन तथा सांख्य एवं योगके अनुसार ज्ञानद्वारा मोक्षकी प्राप्ति  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  12.236.30 
प्रोक्तं तद् व्यक्तमित्येव जायते वर्धते च यत् ।
जीर्यते म्रियते चैव चतुर्भिर्लक्षणैर्युतम्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
जो तत्त्व जन्म, वृद्धि, वृद्धावस्था और मृत्यु इन चार गुणों से युक्त है, उसे व्यक्त कहते हैं।
 
The element which is endowed with the four characteristics of birth, growth, old age and death is called Vyakta (manifested). 30.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)