Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.236.22: इन सब लक्षणों के प्रकट होने पर योगी को जो लाभ प्राप्त होते हैं, उनके विषय में मुझसे सुनो। जब वह भौतिक समृद्धि प्राप्त कर लेता है, तो उसे संसार की रचना करने की शक्ति प्राप्त हो जाती है। ॥22॥ | mahabharat अध्याय 12.236: ध्यानके सहायक योग, उनके फल और सात प्रकारकी धारणाओंका वर्णन तथा सांख्य एवं योगके अनुसार ज्ञानद्वारा मोक्षकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एतेष्वपि हि जातेषु फलजातानि मे शृणु।
जातस्य पार्थिवैश्वर्यै: सृष्टिरत्र विधीयते॥ २२॥
अनुवाद
इन सब लक्षणों के प्रकट होने पर योगी को जो लाभ प्राप्त होते हैं, उनके विषय में मुझसे सुनो। जब वह भौतिक समृद्धि प्राप्त कर लेता है, तो उसे संसार की रचना करने की शक्ति प्राप्त हो जाती है। ॥22॥
Listen to me about the benefits that a yogi receives when all these symptoms are manifested. When he achieves material prosperity, he acquires the power to create the world. ॥22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥