Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.236.16: अब मैं तुम्हें बताऊँगा कि योगाभ्यास में लगे हुए योगी को पृथ्वी पर विजय प्राप्त करने आदि निम्न शक्तियाँ किस प्रकार प्राप्त होती हैं। मैं उस शक्ति का भी वर्णन करूँगा जो एकाग्रचित्त होकर ध्यान करते हुए ब्रह्म-प्राप्ति का अनुभव करने वाले योगी को प्राप्त होती है ॥16॥ | mahabharat अध्याय 12.236: ध्यानके सहायक योग, उनके फल और सात प्रकारकी धारणाओंका वर्णन तथा सांख्य एवं योगके अनुसार ज्ञानद्वारा मोक्षकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विक्रमाश्चापि यस्यैते तथा युक्तेषु योगत:।
तथा योगस्य युक्तस्य सिद्धिमात्मनि पश्यत:॥ १६॥
अनुवाद
अब मैं तुम्हें बताऊँगा कि योगाभ्यास में लगे हुए योगी को पृथ्वी पर विजय प्राप्त करने आदि निम्न शक्तियाँ किस प्रकार प्राप्त होती हैं। मैं उस शक्ति का भी वर्णन करूँगा जो एकाग्रचित्त होकर ध्यान करते हुए ब्रह्म-प्राप्ति का अनुभव करने वाले योगी को प्राप्त होती है ॥16॥
Now I will tell you how a yogi, who is engaged in the practice of yoga, gets the following powers like conquering the earth etc. I will also describe the power that a yogi, who experiences Brahman-attainment while meditating with concentration, gets. ॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥