Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.235.8-9h: इस प्रकार पाप धुल जाने पर बुद्धिमान ब्राह्मण को चाहिए कि वह जलपान करके इन्द्रियों को वश में कर ले तथा काम और क्रोध को वश में करके ब्रह्मपद प्राप्त करने की इच्छा करे ॥8 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.235: ब्राह्मणके कर्तव्यका प्रतिपादन करते हुए कालरूप नदको पार करनेका उपाय बतलाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार पाप धुल जाने पर बुद्धिमान ब्राह्मण को चाहिए कि वह जलपान करके इन्द्रियों को वश में कर ले तथा काम और क्रोध को वश में करके ब्रह्मपद प्राप्त करने की इच्छा करे ॥8 1/2॥
In this way, after the sins are washed away, the wise Brahmin should eat breakfast and conquer the senses and by subduing lust and anger, he should desire to attain Brahmapada. 8 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥