Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.235.6: पंचमहायज्ञों के द्वारा भक्तिपूर्वक भगवान का पूजन करो और सदैव धैर्य धारण करो। प्रमाद (अनैतिक कर्मों को करने और कर्तव्य की उपेक्षा करने) से बचो, इन्द्रियों को वश में रखो, धर्म के विषय में ज्ञानी बनो और मन को भी वश में रखो। 6॥ | mahabharat अध्याय 12.235: ब्राह्मणके कर्तव्यका प्रतिपादन करते हुए कालरूप नदको पार करनेका उपाय बतलाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पंचमहायज्ञों के द्वारा भक्तिपूर्वक भगवान का पूजन करो और सदैव धैर्य धारण करो। प्रमाद (अनैतिक कर्मों को करने और कर्तव्य की उपेक्षा करने) से बचो, इन्द्रियों को वश में रखो, धर्म के विषय में ज्ञानी बनो और मन को भी वश में रखो। 6॥
Always worship God with devotion through the five Mahayagyas and always have patience. Avoid negligence (doing non-obligatory actions and neglecting the duty), keep the senses under control, become knowledgeable about religion and keep the mind also under control. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥