Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.235.26: मनुष्य को चाहिए कि वह श्रेष्ठ पुरुषों के धर्म का पालन करे, शिष्टाचार का पालन करे तथा ऐसी जीविका की आकांक्षा करे जिससे दूसरों की जीविका को हानि न पहुँचे तथा जिसकी संसार में निन्दा न हो ॥26॥ | mahabharat अध्याय 12.235: ब्राह्मणके कर्तव्यका प्रतिपादन करते हुए कालरूप नदको पार करनेका उपाय बतलाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मनुष्य को चाहिए कि वह श्रेष्ठ पुरुषों के धर्म का पालन करे, शिष्टाचार का पालन करे तथा ऐसी जीविका की आकांक्षा करे जिससे दूसरों की जीविका को हानि न पहुँचे तथा जिसकी संसार में निन्दा न हो ॥26॥
One should follow the religion of the noble men and observe etiquette and aspire to such a livelihood which does not harm the livelihood of others and which is not criticized in the world. ॥26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥