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mahabharat 12.235.24: जिस बुद्धिमान पुरुष ने वैदिक अनुष्ठान विधिपूर्वक किए हैं, जिसने अनुशासित जीवन जीकर मन और इंद्रियों को जीत लिया है, उसे इस लोक में या परलोक में सफलता प्राप्त करने में देर नहीं लगती ॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 12.235: ब्राह्मणके कर्तव्यका प्रतिपादन करते हुए कालरूप नदको पार करनेका उपाय बतलाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 235: ब्राह्मणके कर्तव्यका प्रतिपादन करते हुए कालरूप नदको पार करनेका उपाय बतलाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  12.235.24 
संस्कृतस्य हि दान्तस्य नियतस्य यतात्मन:।
प्राज्ञस्यानन्तरा सिद्धिरिहलोके परत्र च॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जिस बुद्धिमान पुरुष ने वैदिक अनुष्ठान विधिपूर्वक किए हैं, जिसने अनुशासित जीवन जीकर मन और इंद्रियों को जीत लिया है, उसे इस लोक में या परलोक में सफलता प्राप्त करने में देर नहीं लगती ॥ 24॥
 
The wise man whose Vedic rites have been duly performed, who has conquered the mind and senses by living a disciplined life, does not take long to achieve success either in this world or the next. ॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)