Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.235.22: अतः बुद्धिमान् मनुष्य को काल रूपी नदी या भवसागर को पार करने का प्रयत्न करना चाहिए। इससे पार पाने का एकमात्र उपाय है, ब्राह्मण बनना अर्थात् ब्रह्मज्ञान प्राप्त करना। 22॥ | mahabharat अध्याय 12.235: ब्राह्मणके कर्तव्यका प्रतिपादन करते हुए कालरूप नदको पार करनेका उपाय बतलाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः बुद्धिमान् मनुष्य को काल रूपी नदी या भवसागर को पार करने का प्रयत्न करना चाहिए। इससे पार पाने का एकमात्र उपाय है, ब्राह्मण बनना अर्थात् ब्रह्मज्ञान प्राप्त करना। 22॥
Therefore an intelligent man must try to cross the river of time or the ocean of life. The only way to overcome it is to actually become a Brahmin i.e. to attain Brahmagyan. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥