श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 234: ब्राह्मणोंका कर्तव्य और उन्हें दान देनेकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  12.234.33 
नाम्ना च द्युतिमान् नाम शाल्वराज: प्रतापवान्।
दत्त्वा राज्यमृचीकाय गतो लोकाननुत्तमान्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
महाबली शाल्वराज द्युतिमान ने अपना राज्य ऋचीक को दे दिया था और परम लोक को प्राप्त किया था।
 
The mighty Shalvaraj Dyutimane had given away his kingdom to Richika and attained the highest world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)