Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.234.28: करंधम के पुण्य पुत्र राजा मरुत्त ने अपनी पुत्री को महर्षि अंगिरा को दान देकर तुरन्त स्वर्ग प्राप्त कर लिया था।   |   mahabharat अध्याय 12.234: ब्राह्मणोंका कर्तव्य और उन्हें दान देनेकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 234: ब्राह्मणोंका कर्तव्य और उन्हें दान देनेकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  12.234.28 
करन्धमस्य पुत्रस्तु कृतात्मा मरुतस्तथा।
कन्यामङ्गिरसे दत्त्वा दिवमाशु जगाम ह॥ २८॥
 
 
अनुवाद
करंधम के पुण्य पुत्र राजा मरुत्त ने अपनी पुत्री को महर्षि अंगिरा को दान देकर तुरन्त स्वर्ग प्राप्त कर लिया था।
 
King Marutta, the virtuous son of Karandham, had instantly attained heaven by donating his daughter to the great sage Angira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)