Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.234.17: संकृति के पुत्र राजा रन्तिदेव ने महात्मा वशिष्ठ को शीतल जल प्रदान किया था, जिसके कारण वे स्वर्ग में पूज्य हैं ॥17॥   |   mahabharat अध्याय 12.234: ब्राह्मणोंका कर्तव्य और उन्हें दान देनेकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 234: ब्राह्मणोंका कर्तव्य और उन्हें दान देनेकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  12.234.17 
रन्तिदेवश्च सांकृत्यो वसिष्ठाय महात्मने।
अप: प्रदाय शीतोष्णा नाकपृष्ठे महीयते॥ १७॥
 
 
अनुवाद
संकृति के पुत्र राजा रन्तिदेव ने महात्मा वशिष्ठ को शीतल जल प्रदान किया था, जिसके कारण वे स्वर्ग में पूज्य हैं ॥17॥
 
King Rantidev, son of Sankriti, had provided cool water to Mahatma Vashishtha, due to which he is revered in heaven. 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)