Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.232.7: फिर जब अग्नि तत्त्व व्यथित होता है, तब रसमय जल तत्त्व उत्पन्न होता है। जल से पृथ्वी उत्पन्न होती है, जो गंधक धारण करती है। इस प्रकार पंचमहाभूतों की उत्पत्ति का वर्णन किया गया है। 7॥ | mahabharat अध्याय 12.232: व्यासजीका शुकदेवको सृष्टिके उत्पत्ति-क्रम तथा युगधर्मोंका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर जब अग्नि तत्त्व व्यथित होता है, तब रसमय जल तत्त्व उत्पन्न होता है। जल से पृथ्वी उत्पन्न होती है, जो गंधक धारण करती है। इस प्रकार पंचमहाभूतों की उत्पत्ति का वर्णन किया गया है। 7॥
Then, when the fire element gets disturbed, the water element Rasamaya is born. From water comes the earth which carries sulphur. In this way the creation of the five great elements is described. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥