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mahabharat 12.232.36: कलियुग आने पर कहीं वेद दिखाई देते हैं और कहीं नहीं। उस समय अधर्म से ग्रसित होकर यज्ञ और वेद लुप्त हो जाते हैं ॥ 36॥   |   mahabharat अध्याय 12.232: व्यासजीका शुकदेवको सृष्टिके उत्पत्ति-क्रम तथा युगधर्मोंका उपदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 232: व्यासजीका शुकदेवको सृष्टिके उत्पत्ति-क्रम तथा युगधर्मोंका उपदेश  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  12.232.36 
दृश्यन्ते न च दृश्यन्ते वेदा: कलियुगेऽखिला:।
उत्सीदन्ते सयज्ञाश्च केवलाधर्मपीडिता:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
कलियुग आने पर कहीं वेद दिखाई देते हैं और कहीं नहीं। उस समय अधर्म से ग्रसित होकर यज्ञ और वेद लुप्त हो जाते हैं ॥ 36॥
 
When Kaliyug arrives, Vedas are seen in some places and not in others. At that time, afflicted by unrighteousness, Yajnas and Vedas disappear. ॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)