Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.232.28: वेदों में दस विधियों से आत्मा (मोक्ष) की प्राप्ति बताई गई है। वेदों के दर्शन करने वाले विद्वानों ने वैदिक ऋचाओं में जिस गहन (कठिन) ब्रह्म का वर्णन किया है और वेदान्त ऋचाओं में जिसका स्पष्ट वर्णन किया गया है, वह क्रमयोग से प्राप्त होता है।॥ 28॥ | mahabharat अध्याय 12.232: व्यासजीका शुकदेवको सृष्टिके उत्पत्ति-क्रम तथा युगधर्मोंका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वेदों में दस विधियों से आत्मा (मोक्ष) की प्राप्ति बताई गई है। वेदों के दर्शन करने वाले विद्वानों ने वैदिक ऋचाओं में जिस गहन (कठिन) ब्रह्म का वर्णन किया है और वेदान्त ऋचाओं में जिसका स्पष्ट वर्णन किया गया है, वह क्रमयोग से प्राप्त होता है।॥ 28॥
The attainment of the soul (salvation) is described in the Vedas through ten* methods. The profound (difficult) Brahman, which has been described in the Vedic verses by the scholars who have seen the Vedas and which has been clearly described in the Vedanta verses, is achieved through Kramayoga.॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥