ऋषीणां नामधेयानि याश्च वेदेषु सृष्टय:।
नानारूपं च भूतानां कर्मणां च प्रवर्तनम्॥ २५॥
वेदशब्देभ्य एवादौ निर्मिमीते स ईश्वर:।
अनुवाद
ऋषियों के नाम, वेदों में वर्णित सृष्टिक्रम के अनुसार रची गई समस्त वस्तुओं के नाम, प्राणियों के नाना रूप और उनके कर्मों के नियम - यह सब सृष्टि के आदि में महिमावान सृष्टिकर्ता ने वेदों के कहे हुए वचनों के अनुसार रचा था। 25 1/2॥
The names of the sages, the names of all the things created according to the sequence of creation mentioned in the Vedas, the various forms of the living beings and the rules for their actions - all this was created by the glorious Creator in the beginning of the universe according to the words spoken by the Vedas. 25 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥