Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.232.1: व्यास कहते हैं, "पुत्र! तेजोमय ब्रह्म ही सबका बीज है। यह सम्पूर्ण जगत् उसी से उत्पन्न हुआ है। स्थावर और जंगम दोनों उसी ब्रह्म से उत्पन्न हुए हैं।" | mahabharat अध्याय 12.232: व्यासजीका शुकदेवको सृष्टिके उत्पत्ति-क्रम तथा युगधर्मोंका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्यास कहते हैं, "पुत्र! तेजोमय ब्रह्म ही सबका बीज है। यह सम्पूर्ण जगत् उसी से उत्पन्न हुआ है। स्थावर और जंगम दोनों उसी ब्रह्म से उत्पन्न हुए हैं।"
Vyasa says, "Son! The radiant Brahma is the seed of everything. This entire universe has originated from it. Both the immovable and the mobile are born from the same Brahma."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥