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mahabharat 12.231.29: इस प्रकार देवताओं के बारह हज़ार वर्ष मिलकर एक चतुर्युग होते हैं; ऐसा विद्वानों का मत है। एक हज़ार चतुर्युग ब्रह्मा का एक दिन कहा गया है।   |   mahabharat अध्याय 12.231: शुकदेवजीका प्रश्न और व्यासजीका उनके प्रश्नोंका उत्तर देते हुए कालका स्वरूप बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 231: शुकदेवजीका प्रश्न और व्यासजीका उनके प्रश्नोंका उत्तर देते हुए कालका स्वरूप बताना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  12.231.29 
एतां द्वादशसाहस्रीं युगाख्यां कवयो विदु:।
सहस्रपरिवर्तं तद् ब्राह्मं दिवसमुच्यते॥ २९॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार देवताओं के बारह हज़ार वर्ष मिलकर एक चतुर्युग होते हैं; ऐसा विद्वानों का मत है। एक हज़ार चतुर्युग ब्रह्मा का एक दिन कहा गया है।
 
In this way, twelve thousand years of the gods constitute one Chaturyuga; this is the belief of learned people. One thousand Chaturyuga is said to be one day of Brahma.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)