Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.230.8: वे तत्वज्ञानी, क्षमाशील, बलवान, बुद्धिमान, सरल और सत्यनिष्ठ हैं। इसीलिए उनकी सर्वत्र पूजा होती है॥8॥ | mahabharat अध्याय 12.230: श्रीकृष्ण और उग्रसेनका संवाद—नारदजीकी लोकप्रियताके हेतुभूत गुणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अध्यात्मविधितत्त्वज्ञ: क्षान्त: शक्तो जितेन्द्रिय:।
ऋजुश्च सत्यवादी च तस्मात् सर्वत्र पूजित:॥ ८॥
अनुवाद
वे तत्वज्ञानी, क्षमाशील, बलवान, बुद्धिमान, सरल और सत्यनिष्ठ हैं। इसीलिए उनकी सर्वत्र पूजा होती है॥8॥
He is a philosophical scholar of spiritual science, forgiving, powerful, intelligent, simple and truthful. That is why they are worshiped everywhere. 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥