Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.230.4: श्रीकृष्ण बोले- हे श्वानकुल के स्वामी! हे मनुष्यों के स्वामी! मैं नारदजी के उन उत्तम गुणों को संक्षेप में आपसे कहना चाहता हूँ, जिन पर मैं विश्वास करता हूँ और जिन्हें मैं जानता हूँ। कृपया उन्हें मुझसे सुनिए॥4॥ | mahabharat अध्याय 12.230: श्रीकृष्ण और उग्रसेनका संवाद—नारदजीकी लोकप्रियताके हेतुभूत गुणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीकृष्ण बोले- हे श्वानकुल के स्वामी! हे मनुष्यों के स्वामी! मैं नारदजी के उन उत्तम गुणों को संक्षेप में आपसे कहना चाहता हूँ, जिन पर मैं विश्वास करता हूँ और जिन्हें मैं जानता हूँ। कृपया उन्हें मुझसे सुनिए॥4॥
Shri Krishna said- O Lord of the dog clan! O Lord of men! I want to tell you in brief the excellent qualities of Narada which I believe in and know. Please listen to them from me.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥