Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.230.3: उग्रसेन बोले, 'जनार्दन! मैं जानता हूँ कि नारदजी जिनके गुणों का गुणगान सभी लोग करना चाहते हैं, वे निश्चय ही उत्तम गुणों से युक्त हैं; अतः मैं उनके गुणों के विषय में पूछ रहा हूँ; आप कृपा करके मुझे बताइये।' | mahabharat अध्याय 12.230: श्रीकृष्ण और उग्रसेनका संवाद—नारदजीकी लोकप्रियताके हेतुभूत गुणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उग्रसेन बोले, 'जनार्दन! मैं जानता हूँ कि नारदजी जिनके गुणों का गुणगान सभी लोग करना चाहते हैं, वे निश्चय ही उत्तम गुणों से युक्त हैं; अतः मैं उनके गुणों के विषय में पूछ रहा हूँ; आप कृपा करके मुझे बताइये।'
Ugrasen said, 'Janardan! I understand that Narada, whose qualities everyone wishes to sing, is certainly endowed with excellent qualities; therefore, I am asking about his qualities; you please tell me.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥