Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.23.21-22h: भाई शंख के आश्रम में जाकर लिखित ने बहुत से पके फल तोड़कर नीचे गिरा दिए। ऋषि ने उन सबको ले लिया और बिना किसी चिंता के खाने लगे। | mahabharat अध्याय 12.23: व्यासजीका शंख और लिखितकी कथा सुनाते हुए राजा सुद्युम्नके दण्डधर्मपालनका महत्त्व सुनाकर युधिष्ठिरको राजधर्ममें ही दृढ़ रहनेकी आज्ञा देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भाई शंख के आश्रम में जाकर लिखित ने बहुत से पके फल तोड़कर नीचे गिरा दिए। ऋषि ने उन सबको ले लिया और बिना किसी चिंता के खाने लगे।
Going to brother Shankha's ashram, Likhit plucked many ripe fruits and dropped them. The sage took them all and started eating them without any worry. 21/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥