Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.228.7: उसी समय वज्रधारी (शक्तिशाली) और सहस्रलोचन (आध्यात्मिक) इन्द्र, जिन्होंने शम्बरासुर और पाक नामक राक्षसों का वध किया था, वे भी ऋषियों द्वारा सेवित गंगा के उसी तट पर आये। | mahabharat अध्याय 12.228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसी समय वज्रधारी (शक्तिशाली) और सहस्रलोचन (आध्यात्मिक) इन्द्र, जिन्होंने शम्बरासुर और पाक नामक राक्षसों का वध किया था, वे भी ऋषियों द्वारा सेवित गंगा के उसी तट पर आये।
At the same time, Indra, the vajra-dhari (powerful) and Sahasralochan (spiritual) who had killed the demons Shambarasur and Paka, also came to the same bank of the Ganga served by the sages.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥