श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्‍गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  12.228.62 
बालानां प्रेक्षमाणानां स्वयं भक्ष्यमभक्षयन्।
तथा भृत्यजनं सर्वमसंतर्प्य च दानवा:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
छोटे बच्चे उत्सुकता से देखते रहते हैं और राक्षस स्वयं भोजन खा जाते हैं। वे स्वयं भी भोजन खा लेते हैं, नौकरों और परिवार के अन्य सदस्यों को भूखा छोड़ देते हैं। 62.
 
The little children watch with expectation and the demons eat the food themselves. They eat it themselves, leaving the servants and other family members hungry. 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)