Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.228.6: एक दिन वह प्रातःकाल उठकर पवित्र जल में स्नान करने की इच्छा से ध्रुवद्वार से बहती हुई गंगा के तट पर गया और उसमें प्रवेश कर गया। | mahabharat अध्याय 12.228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एक दिन वह प्रातःकाल उठकर पवित्र जल में स्नान करने की इच्छा से ध्रुवद्वार से बहती हुई गंगा के तट पर गया और उसमें प्रवेश कर गया।
One day he got up early in the morning and desired to take a bath in holy water. He went to the bank of the Ganges flowing from the Dhruvdwar and entered it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥