Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.228.55: राक्षस रात्रि में जोर-जोर से चिल्ला रहे हैं और उनके घरों में अग्निहोत्र की अग्नि धीरे-धीरे जल रही है। पुत्र अपने पिताओं को और पत्नियाँ अपने पतियों को सताने लगी हैं। 55. | mahabharat अध्याय 12.228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राक्षस रात्रि में जोर-जोर से चिल्ला रहे हैं और उनके घरों में अग्निहोत्र की अग्नि धीरे-धीरे जल रही है। पुत्र अपने पिताओं को और पत्नियाँ अपने पतियों को सताने लगी हैं। 55.
The demons shout loudly at night and the fire of Agnihotra is burning slowly in their houses. Sons have started torturing their fathers and wives have started torturing their husbands. 55.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥