Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.228.53: पिता के जीवित रहते ही पुत्र स्वामी बन जाता है। वह शत्रुओं का सेवक बन जाता है और निर्लज्जतापूर्वक अपने कर्मों का दूसरों को बखान करता है। 53. | mahabharat अध्याय 12.228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पिता के जीवित रहते ही पुत्र स्वामी बन जाता है। वह शत्रुओं का सेवक बन जाता है और निर्लज्जतापूर्वक अपने कर्मों का दूसरों को बखान करता है। 53.
While the father is still alive, the son becomes the master. He becomes the servant of the enemies and shamelessly tells about his deeds to others. 53.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥