Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.228.38: उन्होंने अपने मन और इन्द्रियों को वश में किया; वे प्रातःकाल उठकर घी देखते, वेद पढ़ते, अन्य शुभ वस्तुओं को देखते और ब्राह्मणों की पूजा करते थे। | mahabharat अध्याय 12.228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने अपने मन और इन्द्रियों को वश में किया; वे प्रातःकाल उठकर घी देखते, वेद पढ़ते, अन्य शुभ वस्तुओं को देखते और ब्राह्मणों की पूजा करते थे।
He controlled his mind and senses; he rose early in the morning to see ghee, read the Vedas, looked at other auspicious objects and worshipped the Brahmins.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥