Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.228.36: वह हमेशा त्योहारों पर विशेष स्नान करते, शरीर पर चंदन लगाते और सुंदर आभूषण पहनते थे। वह स्वभाव से ही व्रत और तपस्या में लीन रहते थे। सभी उन पर विश्वास करते थे और वेदों का अध्ययन करते थे। | mahabharat अध्याय 12.228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह हमेशा त्योहारों पर विशेष स्नान करते, शरीर पर चंदन लगाते और सुंदर आभूषण पहनते थे। वह स्वभाव से ही व्रत और तपस्या में लीन रहते थे। सभी उन पर विश्वास करते थे और वेदों का अध्ययन करते थे।
He would always take a special bath on festivals, apply sandalwood on his body and wear beautiful ornaments. He was naturally engaged in fasting and penance. He was trusted by everyone and used to study the Vedas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥