Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.228.31: वह अपने घर को झाड़ू-पोंछा करके स्वच्छ रखता था। वह प्रेम से अपनी पत्नी का हृदय जीत लेता था। वह प्रतिदिन अग्निहोत्र करता था। वह गुरुभक्त था, अपनी इन्द्रियों को वश में रखता था, ब्राह्मणभक्त था और सत्यवादी था॥31॥ | mahabharat अध्याय 12.228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह अपने घर को झाड़ू-पोंछा करके स्वच्छ रखता था। वह प्रेम से अपनी पत्नी का हृदय जीत लेता था। वह प्रतिदिन अग्निहोत्र करता था। वह गुरुभक्त था, अपनी इन्द्रियों को वश में रखता था, ब्राह्मणभक्त था और सत्यवादी था॥31॥
He kept his house clean by sweeping and cleaning it. He won over his wife's heart with love. He performed Agnihotra every day. He was a devotee of his Guru, had controlled his senses, was a devotee of Brahmins and was truthful.॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥