Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.228.28: इन्द्र ने कहा- सुमुखी! पहले दैत्यों का आचरण कैसा था? जिसके कारण तुम उनके साथ रहती थीं और अब तुमने क्या देखा है कि उन दैत्यों और दानवों को छोड़कर तुम यहाँ आ गई हो?॥ 28॥ | mahabharat अध्याय 12.228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्र ने कहा- सुमुखी! पहले दैत्यों का आचरण कैसा था? जिसके कारण तुम उनके साथ रहती थीं और अब तुमने क्या देखा है कि उन दैत्यों और दानवों को छोड़कर तुम यहाँ आ गई हो?॥ 28॥
Indra said- Sumukhi! How was the behaviour of the demons earlier? Due to which you used to live with them and what have you seen now, that you have left those demons and devils and have come here?॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥