श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्‍गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  12.228.24 
राज्ञां विजयमानानां सेनाग्रेषु ध्वजेषु च।
निवासे धर्मशीलानां विषयेषु पुरेषु च॥ २४॥
 
 
अनुवाद
मैं युद्ध में विजयी राजाओं की सेनाओं के आगे फहराई जाने वाली ध्वजाओं पर तथा स्वभावतः गुणवान सज्जन पुरुषों के राज्य और नगरों के निवासों में सदैव निवास करता हूँ ॥24॥
 
I always reside on the flags hoisted at the forefront of the armies of kings who are victorious in wars, and also in the residences of noble men who are naturally virtuous, in their kingdoms and cities. ॥24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)