Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.228.21: मैं समस्त प्राणियों का कल्याण करने के लिए सूर्य की किरणों के ताप से खिले हुए कमल पुष्प में प्रकट हुई हूँ। मेरा नाम पद्म, श्री और पद्ममालिनी है।॥21॥ | mahabharat अध्याय 12.228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं समस्त प्राणियों का कल्याण करने के लिए सूर्य की किरणों के ताप से खिले हुए कमल पुष्प में प्रकट हुई हूँ। मेरा नाम पद्म, श्री और पद्ममालिनी है।॥21॥
I have appeared in the lotus flower blooming in the heat of the sun's rays to bestow prosperity on all beings. My name is Padma, Shri and Padmamalini. ॥21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥