श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 228: दैत्योंको त्यागकर इन्द्रके पास लक्ष्मीदेवीका आना तथा किन सद्‍गुणोंके होनेपर लक्ष्मी आती हैं और किन दुर्गुणोंके होनेपर वे त्यागकर चली जाती हैं, इस बातको विस्तारपूर्वक बताना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.228.1 
युधिष्ठिर उवाच
पूर्वरूपाणि मे राजन् पुरुषस्य भविष्यत:।
पराभविष्यतश्चैव तन्मे ब्रूहि पितामह॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा- "राजन! पितामह! किसी व्यक्ति के उत्थान या पतन के पूर्व क्या संकेत होते हैं? कृपया मुझे यह बताइए।"
 
Yudhishthira asked- King! Grandfather! What are the signs before the rise or fall of a person? Please tell me this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)