श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 227: इन्द्र और बलिका संवाद—काल और प्रारब्धकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 76-77
 
 
श्लोक  12.227.76-77 
आदित्याश्चैव रुद्राश्च साध्याश्च वसुभि: सह॥ ७६॥
मया विनिर्जिता: पूर्वं मरुतश्च शचीपते।
त्वमेव शक्र जानासि देवासुरसमागमे॥ ७७॥
 
 
अनुवाद
हे शचीवल्लभ इन्द्र! तुम्हें देवताओं और दानवों के बीच हुए पूर्व युद्ध की घटना अच्छी तरह याद होगी। मैंने अकेले ही समस्त आदित्यों, रुद्रों, साध्यों, वसुओं और मरुद्गणों को परास्त किया था। 76-77.
 
Shachi Vallabh Indra! You will remember well the incident of the earlier war between gods and demons. I alone defeated all the Adityas, Rudras, Sadhyas, Vasus and Marudgans. 76-77.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)