अहं च त्वं च ये चान्ये भविष्यन्ति सुराधिपा:।
ते सर्वे शक्र यास्यन्ति मार्गमिन्द्रशतैर्गतम्॥ ३९॥
अनुवाद
हे इन्द्र! मैं, तुम तथा अन्य जो भी देवों के स्वामी पद को प्राप्त होंगे, वे सब उसी मार्ग पर चलेंगे जिस पर पहले सैकड़ों इन्द्र जा चुके हैं ॥39॥
Indra! I, you and others whoever attains the position of Lord of all gods will all go on the same path on which hundreds of Indras have gone before. ॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)