यदि कर्ता भवेत् कर्ता न क्रियेत कदाचन।
यस्मात्तु क्रियते कर्ता तस्मात् कर्ताप्यनीश्वर:॥ ३४॥
अनुवाद
यदि कर्म करनेवाला स्वयं कर्ता होता, तो उसे बनानेवाला कोई दूसरा कभी न होता। वह किसी और के द्वारा रचा गया है; अतः काल के अतिरिक्त कोई दूसरा कर्ता नहीं है ॥34॥
If the person doing the work was the doer himself, then there would never have been anyone else to create it. It is created by someone else; hence there is no other doer except time. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)