श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 227: इन्द्र और बलिका संवाद—काल और प्रारब्धकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  12.227.29 
काल: काले नयति मां त्वां च कालो नयत्ययम्।
तेनाहं त्वं यथा नाद्य त्वं चापि न यथा वयम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
समय ही मुझे बुरे समय की ओर ले जा रहा है और यह समय ही तुम्हें अच्छे दिन दिखा रहा है; इसलिए मैं आज तुम्हारे जैसा नहीं हूँ और तुम भी हमारे जैसे नहीं हो ॥ 29॥
 
Time itself is taking me towards bad times and this time itself is showing you good days; therefore I am not like you today and you are not like we are.॥ 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)