Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.227.24: जब दो लोगों में झगड़ा और युद्ध छिड़ जाता है, तो यह निश्चित नहीं होता कि कौन जीतेगा। उनमें से एक विजयी होता है और दूसरा पराजित होता है॥24॥ | mahabharat अध्याय 12.227: इन्द्र और बलिका संवाद—काल और प्रारब्धकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनिश्चयो हि युद्धेषु द्वयोर्विवदमानयो:।
एक: प्राप्नोति विजयमेकश्चैव पराजयम्॥ २४॥
अनुवाद
जब दो लोगों में झगड़ा और युद्ध छिड़ जाता है, तो यह निश्चित नहीं होता कि कौन जीतेगा। उनमें से एक विजयी होता है और दूसरा पराजित होता है॥24॥
When a dispute and war breaks out between two people, there is no certainty as to who will win. One of them is victorious and the other is defeated.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥