श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 227: इन्द्र और बलिका संवाद—काल और प्रारब्धकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.227.11 
स कदाचित् समुद्रान्ते कस्मिंश्चिद् गिरिगह्वरे।
बलिं वैरोचनिं वज्री ददर्शोपससर्प च॥ ११॥
 
 
अनुवाद
घूमते-घूमते वे समुद्र तट पर पहुँचे। वहाँ उन्होंने विरोचन के पुत्र बलि को एक पर्वत की गुफा में देखा। उसे देखते ही इंद्र हाथ में वज्र लेकर उसके पास गए।
 
While wandering around they reached the seashore. There they saw Bali, the son of Virochan, in a mountain cave. As soon as Indra saw him, he went to him with a thunderbolt in his hand.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)