श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 226: इन्द्र और नमुचिका संवाद  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  12.226.7 
यदा यदा हि पुरुष: कल्याणे कुरुते मन:।
तदा तस्य प्रसिध्यन्ति सर्वार्था नात्र संशय:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जब भी मनुष्य अपने मन को सर्वशक्तिमान ईश्वर के चिन्तन में एकाग्र करता है, तब उसकी समस्त इच्छाएँ पूर्ण हो जाती हैं; इसमें कोई संदेह नहीं है ॥7॥
 
Whenever a man concentrates his mind on the thought of the Almighty God, then all his desires are fulfilled; there is no doubt about this. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)