Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.226.4: नमुचि ने कहा - हे देवराज! यदि शोक का निवारण न किया जाए, तो वह शरीर को कष्ट देता है और शत्रुओं को प्रसन्न करता है। विपत्ति दूर करने में शोक किसी काम नहीं आता।॥4॥ | mahabharat अध्याय 12.226: इन्द्र और नमुचिका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नमुचि ने कहा - हे देवराज! यदि शोक का निवारण न किया जाए, तो वह शरीर को कष्ट देता है और शत्रुओं को प्रसन्न करता है। विपत्ति दूर करने में शोक किसी काम नहीं आता।॥4॥
Namuchi said - O king of gods! If grief is not stopped, it torments the body and makes the enemies happy. Grief is of no help in removing the calamity. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥